डा. बबी सिंह यादव
गुजार दिए होंगे तुमने, कई दिन, महिने, साल
की होगी बातें तुमने कई दफा कई लोगो से
दिल पर जो लगेगी वो एक बात हूँ मैं ।।
भीड़ में जब तन्हा,खुदको तुम पाओगे,
जो अपनेपन का एहसास दे, वो एक साथ हूँ मैं ।
बिताए होगे तुमने कई हसिन पल औरो के साथ भी
जो भुला नही पाओगे, वो एक याद हूँ मैं ।।
बस एक सबाल हूँ उनके लिए जो मुझे समझ ना सके
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं ।
एक प्यारी सी निसानी हूँ अगर तुम रख सको,
खो दो अगर मुझे तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं ।।