चन्द्रकिशोर अदालतले फैसला सुनाउँछ जसरी ईश्वरले वाणी झार्यो भन्ने भ्रम सिर्जना गरिन्छ, तर त्यो फैसला अघि कति कानहरूमा फुसफुसिएको हुन्छ सत्ता? मन्त्रालयले निर्णय गर्छ राष्ट्रको नाममा, जनताको नाममा, [...]
मधेशलाइभ । राष्ट्रिय समाचार समिति (रासस)का निवर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेन्द्र झाद्वारा लिखित मैथिली भाषाको यात्रा संस्मरण ‘जगन्मुक्ति’ आज औपचारिक रूपमा लोकार्पण गरिएको छ। नेपाल पत्रकार महासङ्घ बाग्लुङले आयोजना गरेको ‘बागलुङ [...]
मुना चौधरी एकटा गाममे एकटा बुरहिया छेलै । ऊ बुरहिया आदमी के मासु खाइ छेलै । बुरहिया गामे गाम भिख माङैले जाइछेलै । कनकि बचासब के देखै छेलै त [...]
निता थापा बिहे भएको ६ वर्ष भयो। भन्नलाई त यो समय एउटा सानो युग जस्तै हो, जहाँ दुई अपरिचित मान्छे एउटै आत्मा बन्नुपर्ने थियो। तर आज ऐना अगाडि उभिँदा म [...]
रोशन जनकपुरी (कबिरहा अन्दाजमे) साधो ई जग है विराना गाई समुझिके जेकरा पोसा ओहो गदहा हो जाना, साधो ....् हँइस बाइज क भोइर भाइर क ठइग लिया मतदाना एक बेर [...]
मुना चौधरी हमरा नै थाह छै प्रेम के परिभषा हमर या यहाँ के बीच बहौत गैहर विश्वास छै येहेन गैहर विश्वास छै कि हमर या यहाँ के बीच के [...]
चन्द्रकिशोर बचपन की धूप में एक छोटा-सा चमकता पात्र मेरी लोटकी। नानाजी शहर गए थे उसे लाने, रास्ते में साइकिल पलट गई, हाथ टूट गया उनका जैसे समय ने [...]
चन्द्रकिशोर भैंस की पीठ पर बैठा एक बालक खेतों की धूप में डोलता था, पर उसकी आँखों में किसी और दुनिया की छाया होती थी। हाथ में खुली किताब [...]
[caption id="attachment_32881" align="alignright" width="190"] चन्द्रकिशोर[/caption] चन्द्रकिशोर तीस बरस तक एक किराए के घर में रहा मैं पर समय की लंबी नदी में वह घर धीरे-धीरे मेरी ही स्मृतियों का किनारा [...]
लिला अनमोल तिम्रो नाम मेरो ओठमा उच्चारण हुँदैन, तर भित्र कतै नदीको गहिराइमा झरेको ढुंगा जस्तै छलङ्ग गर्छ मन। तिमी आउँदा आकाशले आफ्ना बादलहरु मेरो आँखामा राखिदिन्छ, र [...]